धर्म ‘इतिहास–केंद्रीयता’ की उपेक्षा करता है

अब्राहमी मतों (ईसाई, यहूदी, इस्लाम)से संबंधित अधिकांश संघर्ष और युद्ध इस मतभेद से उत्पन्न हुए हैं कि ईश्वर ने वास्तव में क्या कहा और उसने ऐसा कैसे कहा और उसका मतलब वास्तव में क्या था।व्यवस्था बनाए रखने के लिए “प्रामाणिक” ग्रंथों के मानदंड बनाए गए और क्रीड, अथवा महत्वपूर्ण अभिकथनों और विश्वासों के संगठित रूप, […]

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‘होली स्पिरिट’, ‘शक्ति’ अथवा ‘कुण्डलिनी’ के सामान नहीं है

सभी धर्मों में समानता की तलाश करने के दौरान, अक्सर ईसाई धर्म की ‘होली स्पिरिट’ की तुलना हिन्दू धर्म की शक्ति अथवा कुण्डलिनी के साथ की जाती है | यद्यपि, ये दोनों पद भिन्न भिन्न और प्रायः विसंगत तत्वमिमांसाओं का निरूपण करते है | प्रारंभिक वैदिक साहित्य एक परमसत्ता (शक्ति) का वर्णन करता है, जिसकी […]

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