मंगलवार, दिसम्बर 18, 2018

भारत विखंडन

‘दी बैटल फॉर संस्कृत’ (संस्कृत के लिए संघर्ष) – सारांश

बहुत समय से भारत से संबंधित (अकादमिक व सामान्य) लेखों में पश्चिमी दृष्टिकोण का प्रभाव रहा है। इन दिनों भारत के भीतर इस क्षेत्र में पश्चिमीकरण एवं पश्चिम की दखल के खिलाफ एक नयी जागरूकता का आरम्भ हुआ है। इस पुस्तक ‘बैटल फॉर संस्कृत’ (संस्कृत के लिए संघर्ष) का मूल उद्देश्य संस्कृत तथा भारतीय संस्कृति […]

भारतीय महागाथा

डॉ नागास्वामी द्वारा धर्मशास्त्र और तिरुक्कुरल की तुलना

राजीव मल्होत्रा: हम सुनते रहते हैं कि आर्य लोग आए और आक्रमण किया, हम द्रविड़ हैं, पीड़ित हैं | हम संस्कृत नहीं चाहते क्योंकि हम बाइबल के निकट हैं | यह पूरा बकवास है | केवल हाल के दिनों में डॉ नागास्वामी और कुछ अन्य लोगों ने इसका उत्तर देकर अपना काम किया है | […]

वन और रेगिस्तान की सभ्यताएँ

मैंने अपनी पुस्तक, ‘विभिन्नता: पश्चात्य सार्वभौमिकता को भारतीय चुनौती’, में चर्चा की है कि कैसे “अव्यवस्था” और “व्यवस्था” के बीच संतुलन एवं साम्यावस्था लाने का एक निरंतर प्रयास (न कि अव्यवस्था का संपूर्ण उन्मूलन) भारतीय दर्शन, कला, पाक-प्रणाली, संगीत एवं काम-विद्या को व्यापक करता है, भारतीय संस्कृति एवं पाश्चात्य संस्कृति के बीच भेद प्रकाशित करता […]

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पुरालेख

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