भारत में विचारधारा की लड़ाई / मोहनदास पाई — 2

-> भारत में विचारधारा की लड़ाई / मोहनदास पाई — 1 राजीव मल्होत्रा: अमरीका के अश्वेत लोग यह कर रहे हैं | मोहनदास पाई: यहूदियों और अश्वेतों ने यह किया है | यहूदियों के नर-संहार की स्मृति को जीवंत रखने के लिए जो स्मारक बने हैं, उन्हीं की भांति हमें भी अपने मन के गर्तों में […]

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मुस्लिम और आरएसएस / मोहन भागवत

राजीव मल्होत्रा: मैंने एक नए विचार का सूत्रपात किया और एक नया शब्द गढ़ा जिसे मैं आपसे चर्चा करना चाहता हूँ | स्वदेशी मुस्लिम या कोई व्यक्ति जो इस्लाम को मानता है परन्तु यह भी मानता है कि यह मेरा स्वदेश है – मेरे पूर्वजों की भूमि | हिंदू मेरे भाई हैं और हमारा इस्लाम […]

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भारत में विचारधारा की लड़ाई / मोहनदास पाई — 1

राजीव मल्होत्रा: हम विदेशी आक्रमणकारियों के बारे में बात कर रहे थे | भारत क्यों विदेशी आक्रमणकारियों के सामने बारबार घुटने टेकता था, इसका क्या हमने भली-भाँति विश्लेषण किया है और इसे समझ लिया है, ताकि हम अपनी त्रुटियों को आगे भी न दुहराएँ ? या विदेशी आक्रमणकारियों के सामने हारने की उतनी ही संभावना […]

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संस्कृति और आर्थिक सशक्तीकरण – मोहनदास पाई के साथ चर्चा

राजीव मल्होत्रा: संस्कृति और अर्थव्यवस्था परस्पर संबंधित हैं | क्या आपको लगता है कि वैश्वीकरण, संयोजकता (कनेक्टिविटी), पश्चिमीकरण, निगमीकरण और सेंसेक्स केंद्रित अर्थव्यवस्था ने हमारी संस्कृति पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है ? मोहनदास पाई: हमारी संस्कृति पर इसका प्रभाव इस सीमा तक है कि हम मानते हैं कि पश्चिम हमसे श्रेष्ठतर है | क्यों ? […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 2

Read First Part of the Article Click Here. मैं आशा करता हूँ कि ये निबंध आरम्भ करेगा एक प्रतिपुष्टि कुंडली का भारतीय समाज को शिक्षित करने में, जो की रिसा के कार्य का विषय है, किन्तु जिसको अभी तक अँधेरे में रखा है , इस सन्दर्भ में, कि, क्या लिखा और कहा जा रहा है […]

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