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नूतन उपनिवेशिता की अक्षरेखा – 4

Read Third Part Here. इतिहास लेखन और राष्ट्र (विभाजन): इतिहास लेखन दोनों कार्यों के लिए प्रयोग किया गया है, एक राष्ट्र निर्माण, दुतीय राष्ट्र विभाजन I चीन की सर्कार ने विजयी हुई और प्रमुख कार्यक्रमों को विश्वभर में पूँजी दिया अपने चीनी इतिहास को प्रचलित करने के लिए जिसका निर्माण स्वतःपूर्ण एवं द्वीपीय किया है, […]

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नूतन उपनिवेशिता की अक्षरेखा – 3

Read Second Part Here. हिस्ट्री के सिद्धांत रेखीय नहीं हैं: अनियन्त्रित सिद्धांत, कि, सर्वत्र मानव हिस्ट्री को, इस अनुक्रम में अंटना होगा:  पुरातन ए मायिक ए काल्पनिक ए तर्कयुक्त ए…., मुख्यधारा यूरोकेन्द्रिक स्तम्भों में से एक है [१५] I  यूरोप में घटित घटनाएं इन रेखीय “विकास” में अंटती हुई दिखती है I अतः, ये प्रतिरूप […]

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नूतन उपनिवेशिता की अक्षरेखा – 2

Read First Part Here. पश्चिमी शैक्षिक परिषद् में भारतीय परंपरायें: आनंद का विषय ये है कि, पश्चिमी शैक्षिक परिषद् नियुक्त करती है कई भारतीय विद्द्वानों को, कई अन्य मानविकी शास्त्रों में से, अंग्रेजी साहित्य, इतिहास, दर्शनशास्त्र, समाज शास्त्र एवं राजनैतिक विज्ञानं के विभाग में से I तथापि, जैसा कि पश्चिमी दर्शक उन्हें भारतीय परम्पराओं का […]

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नूतन उपनिवेशिता की अक्षरेखा – 1

“आधुनिक सार्वभौमिक स्थिति में, पूर्वी एवं पश्चिमी ‘साभ्यता‘ एक दुसरे से समान सहयोगी के रूप में नहीं भेंट कर सकते हैं. वे पश्चिमी संसार में, पश्चिमियों द्वारा निर्मित विचार की परिस्थितियों में ही भेंट कर सकते हैं I “— डब्लू. हॉलब्फास [१] ये निबंध चर्चा करता है कि, कैसे बुद्धिजीवी स्वराज मूल सिद्धान्त है, किसी […]

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धर्म, रिलिजन के समान नहीं है

Translation Credit: Vandana Mishra. “धर्म” शब्द के बहुभागी अर्थ हैं जो सन्दर्भों के आधार पर निर्भर होते हैं जिसमें उनका प्रयोग होता है I इनमें सम्मिलित हैं: आचरण, कर्तव्य, उचित, न्याय, धर्माचरण, नैतिकता, रिलिजन, धार्मिक गुण, उचित कार्य जो अच्छे या बुरे कर्मों के अनुसार निर्धारित होते हैं, इत्यादि I कई अन्य अर्थ भी सूचित […]

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पश्चिमी सर्वभौमिकता को चुनौती

Translation Credits: Vandana Mishra. मेरी पुस्तक बीइंग डिफरेंट, ऐन इंडियन चैलेंज टू वेस्टर्न यूनिवर्सलिज़म (हार्पर कॉलिंस, २०११) का मुख्य उदेश्य है, पश्चिमियों के सार्वभौमिकता के दृण कथन का विखंडन करना I इन दृण कथनों के अनुसार, पश्चिम इस विश्व के इतिहास के संचालक भी हैं और अन्तिम, एषणीय गंतव्य स्थान भी है I पश्चिमी अनुमानतः […]

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यूरोपियों द्वारा संस्कृत के दुरुपयोगों ने आर्यन कुल सिद्धांत के मार्ग दर्शाये

Translation Credits: Vandana Mishra. ये विस्तृत रूप से ज्ञात नहीं है कि, यूरोपियों की इच्छा, संस्कृत के पुरातन आध्यात्मिक ग्रंथों के श्रेष्ठ मूल्यवान ग्रन्थालय के विनियोजन कार्य ने प्रेरित किया “आर्यन” कुल की व्यष्टिव के निर्माण को, जो नज़िस्म के विचारधारा का मूल आधार बना I संस्कृत शब्द “आर्य” एक विशेषण है जिसका अर्थ है  […]

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गीता का आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध — 2

Translation Credit: Vandana Mishra. To Read First Part, Click Here. इस्लाम के विरुद्ध इस्लाम गीता का धर्म अथाह आत्म-परीक्षण पर आधारित है I महाध्यापक अकबर अहमद, ने नियुस-वीकली-रिसेंटली में उद्धरण किया है कि, सभ्यताओं के मध्य का संघर्ष इस्लाम और इस्लाम के मध्य का संघर्ष है—उदारवादियों और कट्टरपंथियों के विरुद्ध का है। इस्लामी विद्द्वानों को […]

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गीता का आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध — 1

Translation Credit: Vandana Mishra. भगवत गीता में, ईश्वार प्रकट होते हैं मनुष्य के रूप में, कृष्ण के रूप में, अर्जुन को मार्ग दर्शन देने के लिए कि, युद्ध हो / युद्ध ना हो की असमंजस पूर्ण स्थिति, जिसका अर्जुन सामना कर रहे थे I संभवतः हिन्दुओं के ये १८ सर्वोच्च पावन पाठ क्या शिक्षा देते […]

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वन और मरुस्थल की सभ्याता

Translation Credit: Vandana Mishra. मेरी नूतनकालीन पुस्तक, बीइंग डिफरेंट: पश्चिमी सार्वभौमिकता को एक भारतीय चुनौती (२०११, हार्पर कॉलिंस, भारत) में, मैंने चर्चा किया है कि, कैसे लगातार “अव्यवस्था” और “व्यवस्था” के बीच की शक्तियों में संतुलन एवं साम्यावस्था को स्थापित करने का प्रयास किया जाता है (अपेक्षाकृत, पूर्ण अव्यवस्था का विध्वंस) जो कि, पारगमनीय है […]

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