ब्लोग

संस्कृति और आर्थिक सशक्तीकरण – मोहनदास पाई के साथ चर्चा

राजीव मल्होत्रा: संस्कृति और अर्थव्यवस्था परस्पर संबंधित हैं | क्या आपको लगता है कि वैश्वीकरण, संयोजकता (कनेक्टिविटी), पश्चिमीकरण, निगमीकरण और सेंसेक्स केंद्रित अर्थव्यवस्था ने हमारी संस्कृति पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है ? मोहनदास पाई: हमारी संस्कृति पर इसका प्रभाव इस सीमा तक है कि हम मानते हैं कि पश्चिम हमसे श्रेष्ठतर है | क्यों ? […]

Continue Reading

रीसा लीला: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 2

Read First Part of the Article, Click Here. मैं आशा करता हूँ कि ये निबंध आरम्भ करेगा एक प्रतिपुष्टि कुंडली का भारतीय समाज को शिक्षित करने में, जो की रिसा के कार्य का विषय है, किन्तु जिसको अभी तक अँधेरे में रखा है , इस सन्दर्भ में, कि, क्या लिखा और कहा जा रहा है […]

Continue Reading

युवाओं के मुद्दे / मोहनदास पाई

राजीव मल्होत्रा: मेरे साथ आज एक महत्वपूर्ण अतिथि हैं,  बेंगलुरु से सार्वजनिक बौद्धिक, मोहनदास पाई | नमस्ते मोहनदास जी ! मोहनदास पाई: नमस्ते ! राजीव मल्होत्रा: आपका यहाँ होना हर्ष की बात है ! मोहनदास पाई: धन्यवाद ! राजीव मल्होत्रा: आपके साथ विचारों पर चर्चा करना बहुत अच्छा लगता है | मोहन एक सफल कॉर्पोरेट […]

Continue Reading

रीसा लीला: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 1

“कुछ अमरीकीयों के अनुसार भागवत गीता एक अच्छी पुस्तक नहीं हैI महाभारत की पूरी पुस्तक में कृष्ण समस्त मानव जाती को विभिन्न प्रकार के प्राणघात एवं आत्म – नाश व्यवहारों के लिए जैसे, युद्ध, के लिए प्रेरित करते हैंI गीता एक असत्य पुस्तक है” — वेंडी डोनिगर, इतिहास एवं धर्म की महाध्यापक, शिकागो महाविद्यालय, ने […]

Continue Reading

भारत का त्रिआयामी विकास / डॉ राजीव कुमार

राजीव मल्होत्रा: चीन के बनिस्पत भारत के बारे में आप कैसा अनुभव करते हैं ? क्योंकि विश्व इस रूप में इसे देखता है | चीन को कई दशकों की आरंभिक बढ़त मिली हुई थी | उन्होंने बड़ी मात्रा में धन इकट्ठा कर लिया | दोनों – वैध साधनों और कभी-कभी अन्य माध्यमों से नई तकनीकें […]

Continue Reading

नीति आयोग बनाम पुराना योजना आयोग / डॉ राजीव कुमार

राजीव मल्होत्रा: नमस्ते ! मैं राष्ट्रीय नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार के साथ हूँ | अपने व्यस्त कार्यक्रम में से कुछ समय निकालने के लिए धन्यवाद | राजीव कुमार: बहुत बहुत धन्यवाद समनाम | राजीव मल्होत्रा: हाँ, हम दोनों राजीव हैं | हम अच्छे लोग हैं | राजीव कुमार: हाँ | इसका अर्थ […]

Continue Reading

“मैं स्वाभिमानी हिन्दू क्यों हूँ ?” – सूरीनाम के उपराष्ट्रपति

राजीव मल्होत्रा: नमस्ते ! मैं सुरीनाम के उपराष्ट्रपति, अश्विन अधीनजी के साथ हूँ | नमस्कार | अश्विन अधीन: नमस्कार | राजीव मल्होत्रा: एक अद्भुत स्थान से एक साथी हिंदू | मैंने आपके देश के बारे में बहुत कुछ सुना है | मेरे वैश्विक दर्शकों के लिए, कृपया हमें अपने हिन्दू धर्म की कहानी और अपने […]

Continue Reading

बहुसंख्यकों द्वारा अल्पसंख्यकों के समान अधिकारकी मांग

ऋतु राठौर, संक्रांत सानु और राहुल दीवान की एक मंडली (पैनल) हिन्दू बहुसंख्यक के विरुद्ध एवं भारतीय भाषाओं के विरुद्ध भारतीय कानून व्यवस्था के भेदभाव पर राजीव मल्होत्रा के साथ बातचीत कर रही है | मंडली अपनी याचिका पर भी चर्चा करती है जो http://www.HinduCharter.org पर प्रकाशित है | ऋतु राठौर: सभी को नमस्ते ! […]

Continue Reading

सरकार बनाम धर्म

रितु राठौर: सभी को नमस्कार ! मैं रितु राठौर हूँ, इन्फिनिटी फाउंडेशन चैनल पर आज के कार्यक्रम की आतिथेय (मेजबान) | राजीव मल्होत्रा: नमस्ते रितु | मैं चाहता हूँ कि आप मेरे चैनल के आतिथेयों में से एक बनें | यह अब एक निजी चैनल नहीं रहेगा, अपितु  सप्ताह के विभिन्न दिनों में, भिन्न लोगों द्वारा संचालित […]

Continue Reading

डॉ नागास्वामी द्वारा धर्मशास्त्र और तिरुक्कुरल की तुलना

राजीव मल्होत्रा: हम सुनते रहते हैं कि आर्य लोग आए और आक्रमण किया, हम द्रविड़ हैं, पीड़ित हैं | हम संस्कृत नहीं चाहते क्योंकि हम बाइबल के निकट हैं | यह पूरा बकवास है | केवल हाल के दिनों में डॉ नागास्वामी और कुछ अन्य लोगों ने इसका उत्तर देकर अपना काम किया है | […]

Continue Reading