मुस्लिम और भारत की महागाथा – 3

To Read Second Part, Click Here. वैटिकन एक संप्रभु राज्य भी है | यह संयुक्त राष्ट्र का सदस्य है | जब एक संप्रभु राज्य प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी को नियुक्त करता है, तो यह एक दूतावास हो जाता है | यह कहना कि वे अल्पसंख्यक हैं और विशेषाधिकारों की मांग कर रहे हैं, इसके […]

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मुस्लिम और भारत की महागाथा – 2

To Read First Part, Click Here. मुद्दा यह है कि विरोधी गतिमान हैं | विघटनकारी शक्तियां सर्वदा कुछ नया कर रही हैं | आप यह नहीं कह सकते कि तेंदुलकर ने शतक बनाया है और अब हम आश्वस्त रह सकते हैं | आपको अपना काम करना है | उस समय जो किया गया था वो […]

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मुस्लिम और भारत की महागाथा – 1

मेरा शोध भारतीय महागाथा पर है | मैं सबसे पहले यह समझाना चाहता हूँ कि इसका क्या अर्थ है | यह केवल हमारी कहानी के बारे में नहीं है | यह एक लोकप्रिय शब्द है, परन्तु इसका एक तकनीकी अर्थ भी है | मैं पहली बार सार्वजनिक रूप से एक विशिष्ट अध्याय के बारे में […]

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आर एस एस/मोहन भागवत से रहस्य हटाना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की और विश्व की भी एक महत्वपूर्ण संस्था है | पर उसकी छवि बहुत विवादास्पद और रहस्यों से घिरी रही है | उसे निकट से जानना आवश्यक है | मेरी छवि एक निष्पक्ष और वस्तुपरक प्रेक्षक की है, संभवतः इस कारण से मुझे संघ के सर्वोच्च नेताओं से सीधे मिलने का […]

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बुद्धिजीवी और आरएसएस/मोहन भागवत

राजीव मल्होत्रा: मैं दो विषयों पर आपके विचार जानना चाहूँगा | एक है, हिंदुओं को अधिक बौद्धिक बनाना | और दूसरा है, बौद्धिकों को अधिक हिंदू बनाना | पहली स्थिति के लिए हमें खुला मन रखने वाले बौद्धिकों को ढूँढ़ना होगा | कई अच्छे हिंदू संघ के बारे में दोषपूर्ण धारणा रखते हैं | मेरे […]

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भारत में विचारधारा की लड़ाई / मोहनदास पाई — 2

-> भारत में विचारधारा की लड़ाई / मोहनदास पाई — 1 राजीव मल्होत्रा: अमरीका के अश्वेत लोग यह कर रहे हैं | मोहनदास पाई: यहूदियों और अश्वेतों ने यह किया है | यहूदियों के नर-संहार की स्मृति को जीवंत रखने के लिए जो स्मारक बने हैं, उन्हीं की भांति हमें भी अपने मन के गर्तों में […]

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मुस्लिम और आरएसएस / मोहन भागवत

राजीव मल्होत्रा: मैंने एक नए विचार का सूत्रपात किया और एक नया शब्द गढ़ा जिसे मैं आपसे चर्चा करना चाहता हूँ | स्वदेशी मुस्लिम या कोई व्यक्ति जो इस्लाम को मानता है परन्तु यह भी मानता है कि यह मेरा स्वदेश है – मेरे पूर्वजों की भूमि | हिंदू मेरे भाई हैं और हमारा इस्लाम […]

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भारत में विचारधारा की लड़ाई / मोहनदास पाई — 1

राजीव मल्होत्रा: हम विदेशी आक्रमणकारियों के बारे में बात कर रहे थे | भारत क्यों विदेशी आक्रमणकारियों के सामने बारबार घुटने टेकता था, इसका क्या हमने भली-भाँति विश्लेषण किया है और इसे समझ लिया है, ताकि हम अपनी त्रुटियों को आगे भी न दुहराएँ ? या विदेशी आक्रमणकारियों के सामने हारने की उतनी ही संभावना […]

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संस्कृति और आर्थिक सशक्तीकरण – मोहनदास पाई के साथ चर्चा

राजीव मल्होत्रा: संस्कृति और अर्थव्यवस्था परस्पर संबंधित हैं | क्या आपको लगता है कि वैश्वीकरण, संयोजकता (कनेक्टिविटी), पश्चिमीकरण, निगमीकरण और सेंसेक्स केंद्रित अर्थव्यवस्था ने हमारी संस्कृति पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है ? मोहनदास पाई: हमारी संस्कृति पर इसका प्रभाव इस सीमा तक है कि हम मानते हैं कि पश्चिम हमसे श्रेष्ठतर है | क्यों ? […]

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डॉ नागास्वामी द्वारा धर्मशास्त्र और तिरुक्कुरल की तुलना

राजीव मल्होत्रा: हम सुनते रहते हैं कि आर्य लोग आए और आक्रमण किया, हम द्रविड़ हैं, पीड़ित हैं | हम संस्कृत नहीं चाहते क्योंकि हम बाइबल के निकट हैं | यह पूरा बकवास है | केवल हाल के दिनों में डॉ नागास्वामी और कुछ अन्य लोगों ने इसका उत्तर देकर अपना काम किया है | […]

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