धर्म, रिलिजन के समान नहीं है

Translation Credit: Vandana Mishra. “धर्म” शब्द के बहुभागी अर्थ हैं जो सन्दर्भों के आधार पर निर्भर होते हैं जिसमें उनका प्रयोग होता है I इनमें सम्मिलित हैं: आचरण, कर्तव्य, उचित, न्याय, धर्माचरण, नैतिकता, रिलिजन, धार्मिक गुण, उचित कार्य जो अच्छे या बुरे कर्मों के अनुसार निर्धारित होते हैं, इत्यादि I कई अन्य अर्थ भी सूचित […]

Continue Reading

पश्चिमी सर्वभौमिकता को चुनौती

Translation Credits: Vandana Mishra. मेरी पुस्तक बीइंग डिफरेंट, ऐन इंडियन चैलेंज टू वेस्टर्न यूनिवर्सलिज़म (हार्पर कॉलिंस, २०११) का मुख्य उदेश्य है, पश्चिमियों के सार्वभौमिकता के दृण कथन का विखंडन करना I इन दृण कथनों के अनुसार, पश्चिम इस विश्व के इतिहास के संचालक भी हैं और अन्तिम, एषणीय गंतव्य स्थान भी है I पश्चिमी अनुमानतः […]

Continue Reading

मुस्लिम और भारत की महागाथा – 3

To Read Second Part, Click Here. वैटिकन एक संप्रभु राज्य भी है | यह संयुक्त राष्ट्र का सदस्य है | जब एक संप्रभु राज्य प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी को नियुक्त करता है, तो यह एक दूतावास हो जाता है | यह कहना कि वे अल्पसंख्यक हैं और विशेषाधिकारों की मांग कर रहे हैं, इसके […]

Continue Reading

मुस्लिम और भारत की महागाथा – 2

To Read First Part, Click Here. मुद्दा यह है कि विरोधी गतिमान हैं | विघटनकारी शक्तियां सर्वदा कुछ नया कर रही हैं | आप यह नहीं कह सकते कि तेंदुलकर ने शतक बनाया है और अब हम आश्वस्त रह सकते हैं | आपको अपना काम करना है | उस समय जो किया गया था वो […]

Continue Reading

मुस्लिम और भारत की महागाथा – 1

मेरा शोध भारतीय महागाथा पर है | मैं सबसे पहले यह समझाना चाहता हूँ कि इसका क्या अर्थ है | यह केवल हमारी कहानी के बारे में नहीं है | यह एक लोकप्रिय शब्द है, परन्तु इसका एक तकनीकी अर्थ भी है | मैं पहली बार सार्वजनिक रूप से एक विशिष्ट अध्याय के बारे में […]

Continue Reading

आर एस एस/मोहन भागवत से रहस्य हटाना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की और विश्व की भी एक महत्वपूर्ण संस्था है | पर उसकी छवि बहुत विवादास्पद और रहस्यों से घिरी रही है | उसे निकट से जानना आवश्यक है | मेरी छवि एक निष्पक्ष और वस्तुपरक प्रेक्षक की है, संभवतः इस कारण से मुझे संघ के सर्वोच्च नेताओं से सीधे मिलने का […]

Continue Reading

बुद्धिजीवी और आरएसएस/मोहन भागवत

राजीव मल्होत्रा: मैं दो विषयों पर आपके विचार जानना चाहूँगा | एक है, हिंदुओं को अधिक बौद्धिक बनाना | और दूसरा है, बौद्धिकों को अधिक हिंदू बनाना | पहली स्थिति के लिए हमें खुला मन रखने वाले बौद्धिकों को ढूँढ़ना होगा | कई अच्छे हिंदू संघ के बारे में दोषपूर्ण धारणा रखते हैं | मेरे […]

Continue Reading

भारत में विचारधारा की लड़ाई / मोहनदास पाई — 2

-> भारत में विचारधारा की लड़ाई / मोहनदास पाई — 1 राजीव मल्होत्रा: अमरीका के अश्वेत लोग यह कर रहे हैं | मोहनदास पाई: यहूदियों और अश्वेतों ने यह किया है | यहूदियों के नर-संहार की स्मृति को जीवंत रखने के लिए जो स्मारक बने हैं, उन्हीं की भांति हमें भी अपने मन के गर्तों में […]

Continue Reading

मुस्लिम और आरएसएस / मोहन भागवत

राजीव मल्होत्रा: मैंने एक नए विचार का सूत्रपात किया और एक नया शब्द गढ़ा जिसे मैं आपसे चर्चा करना चाहता हूँ | स्वदेशी मुस्लिम या कोई व्यक्ति जो इस्लाम को मानता है परन्तु यह भी मानता है कि यह मेरा स्वदेश है – मेरे पूर्वजों की भूमि | हिंदू मेरे भाई हैं और हमारा इस्लाम […]

Continue Reading

भारत में विचारधारा की लड़ाई / मोहनदास पाई — 1

राजीव मल्होत्रा: हम विदेशी आक्रमणकारियों के बारे में बात कर रहे थे | भारत क्यों विदेशी आक्रमणकारियों के सामने बारबार घुटने टेकता था, इसका क्या हमने भली-भाँति विश्लेषण किया है और इसे समझ लिया है, ताकि हम अपनी त्रुटियों को आगे भी न दुहराएँ ? या विदेशी आक्रमणकारियों के सामने हारने की उतनी ही संभावना […]

Continue Reading