बुद्धिजीवी और आरएसएस/मोहन भागवत

राजीव मल्होत्रा: मैं दो विषयों पर आपके विचार जानना चाहूँगा | एक है, हिंदुओं को अधिक बौद्धिक बनाना | और दूसरा है, बौद्धिकों को अधिक हिंदू बनाना | पहली स्थिति के लिए हमें खुला मन रखने वाले बौद्धिकों को ढूँढ़ना होगा | कई अच्छे हिंदू संघ के बारे में दोषपूर्ण धारणा रखते हैं | मेरे […]

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वन और रेगिस्तान की सभ्यताएँ

मैंने अपनी पुस्तक, ‘विभिन्नता: पश्चात्य सार्वभौमिकता को भारतीय चुनौती’, में चर्चा की है कि कैसे “अव्यवस्था” और “व्यवस्था” के बीच संतुलन एवं साम्यावस्था लाने का एक निरंतर प्रयास (न कि अव्यवस्था का संपूर्ण उन्मूलन) भारतीय दर्शन, कला, पाक-प्रणाली, संगीत एवं काम-विद्या को

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भारत के प्राचीन पुरातात्विक स्थान

14 जून २०१६ – राजीव मल्होत्रा जी का फेसबुक लाइव इवेंट नमस्ते भारतवासियों, मुझे वापस आकर बड़ी ख़ुशी हो रही है, और आज का विषय भी बड़ा रोचक है। इसका सम्बन्ध भारत की विरासत से जुड़ा हुआ है। आज हम चर्चा करेंगे भारत के उन प्राचीन शहरों, मंदिरों व अन्य मुख्य पुरातात्विक (archaeological) स्थानों की, […]

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