देवदत्त पट्टनायक को खुली चुनौती / नित्यानंद मिश्रा

राजीव मल्होत्रा: नमस्ते ! नित्यानंद मिश्रा: नमस्ते ! राजीव मल्होत्रा: नित्यानंद मिश्रा ने देवदत्त पट्टनायक की आलोचना के लिए जो एपिसोड किया, उसे बहुत बड़ी प्रतिक्रिया मिली और उसने बहुत उत्साह उत्पन्न किया | कुछ लोगों ने कुछ विषय उठाए, जिन्हें हमें संबोधित करना चाहिए | आज का उद्देश्य कुछ आलोचकों को उत्तर देना है […]

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भारत विखंडन / मूल्यांकन – प्रोफेसर वैद्यनाथन — 2

To Read First Part, Click Here. वैद्यनाथन: अक्सर कहा जाता है कि लोग मूर्ख होते हैं। पर लोग मूर्ख नहीं होते हैं, सरकार बेहरी होती है। वे स्थिति की गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं। हम भारत-तोड़ो ताकतों के मामले में वाकई विस्फोटक स्थिति का सामना कर रहे हैं। विश्व स्तर पर काम करने वाला […]

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भारत विखंडन / मूल्यांकन – प्रोफेसर वैद्यनाथन — 1

राजीव: नमस्ते! मैं एक बार फिर प्रोफेसर वैद्यनाथन के साथ हूँ। मैं भारत-तोड़ो ताकतों के बारे में बात करना चाहूँगा। कुछ सात साल पहले मैंने एक पुस्तक लिखी थी। वैद्यनाथन: हाँ। राजीव: लेकिन मैंने उस पर काम करना 20 साल पहले ही कर दिया था। मैंने भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलूर में एक व्याख्यान दिया था, […]

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हिन्दू गुरुओं का उत्पीड़न / सुरेंद्रनाथ चंद्रनाथ — 2

To Read First Part, Click Here. राजीव मल्होत्रा: क्योंकि यह एक जानकारी है जिसे हमें छोड़ना नहीं चाहिए | वे केवल एक औसत दलित कार्यकर्ता नहीं हैं | हम ऐसे दलित कार्यकर्ता चाहते हैं जो वंचित लोगों की सहायता करें | परन्तु वे इसे एक ईसाई धर्मप्रचारक के रूप में कर रहे हैं जो विदेशों […]

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हिन्दू गुरुओं का उत्पीड़न / सुरेंद्रनाथ चंद्रनाथ — 1

नमस्ते | मैं अपने लोगों को जागृत करने के लिए व्यवस्थित रूप से एक महत्वपूर्ण विषय के बारे में बात करना चाहूंगा | हमारे प्रमुख गुरुओं पर उनके द्वारा आक्रमण किया जा रहा है जो नहीं चाहते हैं कि वे जो भी कर रहे हैं वह करें | विशेष रूप से वैसे गुरु जो दलितों, […]

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हिन्दुओं पर अत्याचार और मीडिया — डॉ मोहन भागवत

राजीव मल्होत्रा: मैं संघ के लोगों की हत्याओं के कष्टप्रद विषय पर चर्चा करना चाहता हूँ | किसी भी व्यक्ति का मारा जाना भयानक है | परन्तु जब कहीं पर किसी ईसाई के विरुद्ध अत्याचार होता है, तो यह विश्व समाचार बन जाता है | लोग इसे एक बड़ी बात बना देते हैं | संघ […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 10

To read Part – 9, Click Here. उपनिवेशवादी की मानसिकता: यहाँ पर मैं एक वाद का प्रस्ताव रखना चाहता हूँ कि, क्यों कुछ रीसा के विद्द्वान इतने उग्र एवं क्रोधित हैं I इन विद्द्वानों को कुछ विशेष वर्ग मात्र के ही, भारतियों से व्यवहार करना आता है, और यदि कोई इनके इस रूढ़िबद्ध “डिब्बे” में […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 9

To Read Part- 8, Click Here. नियमित विरोध जो मैं श्रवण करता हूँ अशिष्टता: इन अनुरूप लेखों के प्रालेखों की समालोचना कुछ रीसा-सम्बन्धी विद्द्वानों द्वारा हुई है जिन्होंने इसे अशिष्ट एवं “नकारात्मक” बताया हैI तथापि, किसी भी व्यक्ति जिसने रीसा विद्द्वाओं के लांछन युक्त को देखा है, अपेक्षाकृत जो उनके विरुद्ध हैं और जिन्होंने ने […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 8

To read Part – 7, Click Here. ‘आ ‘ का तात्पर्य — विश्व दृष्टिकोण से प्रतिस्पर्धा: यद्दपि कृपाल का सिद्धांत ‘अ’ मुझे अनुमति देता है प्रतिरक्षा के लिए उन दृष्टिकोणों की विभिन्नता के विषय में, और, अतः, अभिलाषा है विद्द्वानों के विभिन्नता की, उनके ‘आ’ सिद्धांत कहते है कि ये विभिन्न दृष्टिकोण पूर्णत: कदापि सामंजस्य […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 7

To Read Part – 6 of Article, Click Here. रानी(क्विन) का प्रभाव: इनके विद्यार्थियों को प्रोत्साहन दिया गया है भारत में जाकर एक विशेष उद्देश्य से, जिसमें इनको वो आंकड़े ढूंढने हैं जहाँ “भारत में ईसाईयों का उत्पीड़न” होता है I जबकि सभी को ज्ञात है कि एक सच्चा विद्द्वान सम्मिलित नहीं हो सकता है […]

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