हिन्दुओं पर अत्याचार और मीडिया — डॉ मोहन भागवत

राजीव मल्होत्रा: मैं संघ के लोगों की हत्याओं के कष्टप्रद विषय पर चर्चा करना चाहता हूँ | किसी भी व्यक्ति का मारा जाना भयानक है | परन्तु जब कहीं पर किसी ईसाई के विरुद्ध अत्याचार होता है, तो यह विश्व समाचार बन जाता है | लोग इसे एक बड़ी बात बना देते हैं | संघ […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 10

To read Part – 9, Click Here. उपनिवेशवादी की मानसिकता: यहाँ पर मैं एक वाद का प्रस्ताव रखना चाहता हूँ कि, क्यों कुछ रीसा के विद्द्वान इतने उग्र एवं क्रोधित हैं I इन विद्द्वानों को कुछ विशेष वर्ग मात्र के ही, भारतियों से व्यवहार करना आता है, और यदि कोई इनके इस रूढ़िबद्ध “डिब्बे” में […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 9

To Read Part- 8, Click Here. नियमित विरोध जो मैं श्रवण करता हूँ अशिष्टता: इन अनुरूप लेखों के प्रालेखों की समालोचना कुछ रीसा-सम्बन्धी विद्द्वानों द्वारा हुई है जिन्होंने इसे अशिष्ट एवं “नकारात्मक” बताया हैI तथापि, किसी भी व्यक्ति जिसने रीसा विद्द्वाओं के लांछन युक्त को देखा है, अपेक्षाकृत जो उनके विरुद्ध हैं और जिन्होंने ने […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 8

To read Part – 7, Click Here. ‘आ ‘ का तात्पर्य — विश्व दृष्टिकोण से प्रतिस्पर्धा: यद्दपि कृपाल का सिद्धांत ‘अ’ मुझे अनुमति देता है प्रतिरक्षा के लिए उन दृष्टिकोणों की विभिन्नता के विषय में, और, अतः, अभिलाषा है विद्द्वानों के विभिन्नता की, उनके ‘आ’ सिद्धांत कहते है कि ये विभिन्न दृष्टिकोण पूर्णत: कदापि सामंजस्य […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 7

To Read Part – 6 of Article, Click Here. रानी(क्विन) का प्रभाव: इनके विद्यार्थियों को प्रोत्साहन दिया गया है भारत में जाकर एक विशेष उद्देश्य से, जिसमें इनको वो आंकड़े ढूंढने हैं जहाँ “भारत में ईसाईयों का उत्पीड़न” होता है I जबकि सभी को ज्ञात है कि एक सच्चा विद्द्वान सम्मिलित नहीं हो सकता है […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 6

Part – 5, Read Here. कितनी विश्वासनीय है वेंडी डॉनिगर की संस्कृत? “उचित” अनुवाद के कई मार्ग हैं I मेरा मानदंड है कि वो स्वीकृत होना चाहिए मुख्यधारा समाज की परंपरा से जिस पर प्रश्न किया जा रहा है—और पूर्वपक्ष सिद्धांत के अनुसार I यदि प्रसंगों की मंशा और व्यवसायी के निष्कर्ष के विरुद्ध किया […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 5

रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण: Part – 4, Read Here. लक्ष्य:गणेश एवं शिव: पूर्वस्त्रातक पाठ्यपुस्तक, पॉल कोर्टराइट जिसके संलेखक हैं, जो की एक महाध्यापक हैं भारतीय धार्मिक के एमोरी महाविद्यालय में, गणेश जी की कथाएं एवं उनके विधिशास्त्र, विभिन्न दृष्टिकोण से दर्शाये गए हैं, निम्नलिखित मनोविश्लेषणों के साथ[४५]: “एक मनोविश्लेषक के दृष्टिकोण से, हाथी के […]

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रीसा लीला-१: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 4

To Read Part -3, Click Here.  क्षात्रवृद्धि के रूप में आत्मकथा: उसी अभिन्न समालोचन में तत्पश्चात, सिंथिया ह्यूमस पुष्टि करती हैं कि काल्डवेल का कार्य, कृपाल के कार्य की भांति, अधिकतर आत्मकथा रुपी है प्रकृति का है —- एक मनो-स्वांग है जो अनावरण करता है विद्द्वान की अपनी असत्य विकृति विज्ञानं की, प्रायः अतीत अभिघात […]

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रीसा लीला: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 3

To read part – 2 of the Article, Click Here. Psychological Profile of the Scholar: Kripal’s Indian name comes from his father, whose family was of Roma (“gypsy”) extraction and lived inCentral Europe for many generations. Jeff admits to this only when asked point-blank, and identifies himself as a white man.[ xxxi ] It has not been psychoanalyzed […]

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रीसा लीला: वेंडी का बाल-परिलक्षण – 2

Read First Part of the Article, Click Here. मैं आशा करता हूँ कि ये निबंध आरम्भ करेगा एक प्रतिपुष्टि कुंडली का भारतीय समाज को शिक्षित करने में, जो की रिसा के कार्य का विषय है, किन्तु जिसको अभी तक अँधेरे में रखा है , इस सन्दर्भ में, कि, क्या लिखा और कहा जा रहा है […]

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