विज्ञान के परे ज्ञान

राजीव मल्होत्रा: आइए, परम सत्य, सर्वोच्च व्यक्ति – ईश्वर और किस प्रकार वे विभिन्न भगवानों जैसे श्री कृष्ण, शिव, देवी आदि से संबंधित हैं, के साथ आरम्भ करते हैं | तब हम इसे वहां से आगे ले जा सकते हैं | मधु पंडित दास: किसी विशिष्ट उत्तर में जाने के पहले, मैं एक बहुत ही […]

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आरएसएस का वैश्वीकरण / मोहन भागवत

राजीव मल्होत्रा: संघ एक बड़ी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्था है | विश्व जानता है कि संघ कुछ महत्वपूर्ण है, परन्तु उनके पास उचित समझ नहीं है | कुछ रहस्यपूर्ण, दोषपूर्ण सूचना और संदेह है | आज संघ आपके नेतृत्व में गतिशील रूप से परिवर्तित हो रहा है | जिन वरिष्ठ लोगों से मैं मिला […]

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देवदत्त पट्टनायक को खुली चुनौती / नित्यानंद मिश्रा

राजीव मल्होत्रा: नमस्ते ! नित्यानंद मिश्रा: नमस्ते ! राजीव मल्होत्रा: नित्यानंद मिश्रा ने देवदत्त पट्टनायक की आलोचना के लिए जो एपिसोड किया, उसे बहुत बड़ी प्रतिक्रिया मिली और उसने बहुत उत्साह उत्पन्न किया | कुछ लोगों ने कुछ विषय उठाए, जिन्हें हमें संबोधित करना चाहिए | आज का उद्देश्य कुछ आलोचकों को उत्तर देना है […]

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भारत विखंडन / मूल्यांकन – प्रोफेसर वैद्यनाथन — 2

To Read First Part, Click Here. वैद्यनाथन: अक्सर कहा जाता है कि लोग मूर्ख होते हैं। पर लोग मूर्ख नहीं होते हैं, सरकार बेहरी होती है। वे स्थिति की गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं। हम भारत-तोड़ो ताकतों के मामले में वाकई विस्फोटक स्थिति का सामना कर रहे हैं। विश्व स्तर पर काम करने वाला […]

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भारत विखंडन / मूल्यांकन – प्रोफेसर वैद्यनाथन — 1

राजीव: नमस्ते! मैं एक बार फिर प्रोफेसर वैद्यनाथन के साथ हूँ। मैं भारत-तोड़ो ताकतों के बारे में बात करना चाहूँगा। कुछ सात साल पहले मैंने एक पुस्तक लिखी थी। वैद्यनाथन: हाँ। राजीव: लेकिन मैंने उस पर काम करना 20 साल पहले ही कर दिया था। मैंने भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलूर में एक व्याख्यान दिया था, […]

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यूरोप में संकट – प्रोफेसर वैद्यनाथन

राजीव: नमस्ते। मेरे साथ हैं, प्रोफेसर वैद्यनाथन। हम एक और रोचक वीडियो करेंगे। यूरोप में आपके अनुसार क्या चल रहा है? उसका विश्व पर और भारत पर क्या असर पड़ेगा। वैद्यनाथन: पहले बुरी खबर। यूरोप युद्ध के कगार पर खड़ा है। अगले तीन से पाँच सालों में यूरोप में एक भयानक युद्ध छिड़ने वाला है। […]

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विमुद्रीकरण, जीएसटी और काला धन – प्रोफेसर वैद्यनाथन

राजीव: नमस्ते! एक बार फिर हमारे साथ हैं, डॉ. वैद्यनाथन जी। आइए उनसे प्राप्त करते हैं विवादास्पद नोटबंदी पहल के बारे में उनकी अंतर्दृष्टि। वैद्यनाथन: हाँ, नोटबंदी के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। इस विषय पर हज़ारों पृष्ठ लिखे गए हैं, और कई लीटर स्याही खर्च की गई है। टाइप करने में। यह […]

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भारतीय इतिहास की कुछ अंतर्दृष्टियां / मीनाक्षी जैन – 3

To Read Second Part, Click Here. मीनाक्षी जैन: और कई भारत की सराहना करते थे | राजीव मल्होत्रा: हमारे पास त्रुटिपूर्ण छवि है कि ईस्ट इंडिया कंपनी ईसाई धर्मप्रचार के लिए थी | ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे लोगों ने अच्छे से अध्ययन नहीं किया है और वे मूर्ख प्रतीत होते हैं जब ऐसे वक्तव्य […]

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भारतीय इतिहास की कुछ अंतर्दृष्टियां / मीनाक्षी जैन – 2

To Read First Part, Click Here. मीनाक्षी जैन: अधिकाँश मुस्लिम हिंदुओं, को उनके लिए इसके महत्व के कारण, यह स्थल सौंप देना चाहते थे | परन्तु वे बताते हैं कि वामपंथी इतिहासकारों के एक समूह ने उन्हें विश्वास दिलाया कि ऐसा नहीं करें | राजीव मल्होत्रा: अर्थात् ये वामपंथी हैं जिन्होंने हिंदुओं और मुसलमानों के […]

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हिन्दू गुरुओं का उत्पीड़न / सुरेंद्रनाथ चंद्रनाथ — 2

To Read First Part, Click Here. राजीव मल्होत्रा: क्योंकि यह एक जानकारी है जिसे हमें छोड़ना नहीं चाहिए | वे केवल एक औसत दलित कार्यकर्ता नहीं हैं | हम ऐसे दलित कार्यकर्ता चाहते हैं जो वंचित लोगों की सहायता करें | परन्तु वे इसे एक ईसाई धर्मप्रचारक के रूप में कर रहे हैं जो विदेशों […]

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