गीता का आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध — 1

Translation Credit: Vandana Mishra. भगवत गीता में, ईश्वार प्रकट होते हैं मनुष्य के रूप में, कृष्ण के रूप में, अर्जुन को मार्ग दर्शन देने के लिए कि, युद्ध हो / युद्ध ना हो की असमंजस पूर्ण स्थिति, जिसका अर्जुन सामना कर रहे थे I संभवतः हिन्दुओं के ये १८ सर्वोच्च पावन पाठ क्या शिक्षा देते […]

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वन और मरुस्थल की सभ्याता

Translation Credit: Vandana Mishra. मेरी नूतनकालीन पुस्तक, बीइंग डिफरेंट: पश्चिमी सार्वभौमिकता को एक भारतीय चुनौती (२०११, हार्पर कॉलिंस, भारत) में, मैंने चर्चा किया है कि, कैसे लगातार “अव्यवस्था” और “व्यवस्था” के बीच की शक्तियों में संतुलन एवं साम्यावस्था को स्थापित करने का प्रयास किया जाता है (अपेक्षाकृत, पूर्ण अव्यवस्था का विध्वंस) जो कि, पारगमनीय है […]

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धर्म-परिवर्तन का लक्ष्य – 2

भाग २: यूएस के अस्था पर आधारित उपक्रम: नूतनकलीन भारत यात्रा में, मुझे तेहेलका की एक अनुकृति दी गयी जिसकी तिथि ७ फ़रवरी, २००४ की थी जिसके आवरण कथा का शीर्षक था, ‘जॉर्ज बुश का भारत में बृहत धर्म-परिवर्तन का लक्ष्य I’ (१४ फ़रवरी वाले लेख में, एक लघु निरंतरता लेख भी उपलब्ध है I) […]

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धर्म-परिवर्तन का लक्ष्य – 1

मानवाधिकार एवं अन्य पक्ष अवैध धन संपत्ति को वैध करने में न्याय विरुद्ध प्रणाली द्वारा, संपत्ति की सरणि का निर्माण करके, एक जटिल लेन-देन के जाल द्वारा किया जाता है, जिससे कि, धन के चरित्र को विस्तार से संदिग्धार्थ बनाया जा सके, और क्रमशः उसको न्याय पूर्ण व्ययसाय गतिविधियों द्वारा ले जाया जा सके जो […]

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कैसे ‘गांधार’ बना ‘कांधार’ – 3

Translation Credit: Vandana Mishra. To Read Second Part, Click Here. भारत पर इस्लामिक छात्रवृत्ति: अरबी, तुर्की, फ़ारसी आक्रमणकारियों ने अपने इतिहासकारों को भारत को परास्त करने की महान कार्यसिद्धि की विजय गाथा के प्रलेख के लिए आदेश दिया। इन में से कई इतिहासकारों को अंततः भारत भूमि से प्रेम हो गया और उन्होंने अत्यंत ही […]

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कैसे ‘गांधार’ बना ‘कांधार’ – 2

Translation Credit: Vandana Mishra. To Read 1st Part, Click Here. जातिसंहार भाग २: ग़ज़नी का महमूद ग़ज़नविद राजवंश का स्थापक पूर्वी तुर्की दास था, जिसको ईरान के मुसलमान ग़ज़नी (कांधार के निकट एक नगर) का प्रबंधकर्ता मानते थे I उसके पुत्र महमूद ने (९९८-१०३० वर्षों तक) अपने साम्राज्य को भारत में विस्तृत किया I एक […]

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कैसे ‘गांधार’ बना ‘कांधार’ – 1

Translation Credit: Vandana Mishra. अफ़ग़ानिस्तान के महाकाव्य इतिहास का आरम्भ होता है, जब वह पुरातन भारत का, एक महत्वपूर्ण क्षेत्र हुआ करता था, जिसका नाम ‘गांधार’ था I उसके कई नगरों में से जो सर्वाधिक बहुप्रचलित नगर हुआ करता था, वह वर्तमान युग का ‘कांधार’ था, जो तालिबान द्वारा कलंकित है I उस नगर का […]

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पारंपरिक ज्ञान प्रणाली – 3

Translation Credit: – Vandana Mishra To Read Second Part, Click Here. ज्ञान प्रेषक की भाँती शास्रविधियाँ: उत्तराँचल के दूरवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणवासी एक कार्यक्रम आयोजित करते हैं जिसका नाम ‘जागर्स’ होता है, जिसमें जागरिए भेजते हैं डंगरिए को एक प्रकार के तन्मयावस्था में I डंगरिया तत्पश्चात आपकी सहायता करता है समस्या सुलझाने में, रोगों का […]

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पारंपरिक ज्ञान प्रणाली – 2

Translation Credit: – Vandana Mishra To Read First Part. Click here. विश्वीय विज्ञान में भारतीय योगदान सिविल अभियांत्रिकी: इंडस-सरस्वती सभ्यता विश्व की सर्व प्रथम सभ्यता थी जिसमें योजनाबद्ध नगर निर्माण किया गया था, भूमिगत जलनिकासी, सिविल आरोग्यशास्र,  द्रवचालित अभियांत्रिकी, एवं वातानुकूलित वास्तुकी इत्यादि वद्यमान थे I भट्टी में पकाये हुए ईंट सर्वप्रथम भारत में ही […]

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पारंपरिक ज्ञान प्रणाली – 1

Translation Credit: – Vandana Mishra. ये अब मान्य हो रहा है कि, पश्चिमी मापदंड ही एक मात्र निर्देश चिह्न नहीं है जिनसे अन्य सांस्कृतिक ज्ञान का मूल्यांकन किया जाए I वैसे तो ‘परंपरिक’ शब्द कदाचित संकेतार्थ रूप से ‘आधुनकता-विरुद्ध’ होने का संकेत देता है, एक ‘अविकसित’ या ‘अप्रचलित’ प्रसंग, किन्तु कई पारम्परिक विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी […]

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